गुजरात में गोहत्या संशोधन बिल पास, अब गाय की हत्या करने पर होगी उम्रकैद की सजा
गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 ने पहले गाय को मारने और गोमांस को कहीं ले जाने का दोषी पाए जाने पर 07 साल कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा का प्रवाधान था।
गौरतलब है कि 12 मार्च को मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा था कि गाय को सुरक्षित रखने के लिए सरकार सख्त कानून लेकर आएगी। 2011 में नरेंद्र मोदी की सरकार ने राज्य में गौहत्या को को पूरी तरह से रोक लगा दी थी। उन्होंने गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम 1954 कानून में संशोधन किया था।
गुजरात विधानसभा ने बजट सत्र के आखिरी दिन गोहत्या संशोधन बिल पास हो गया है। इस कानून के तहत अब गो हत्या के लिए अब 10 साल से आजीवन कारावास की सजा होगी। इतना ही नहीं नए कानून में जुर्माना राशि को दोगुना कर दिया गया है। अब इस कानून में 01 लाख से 05 लाख रुपये जुर्माने की सजा होगी। नए कानून के अनुसार अगर गाय या गाय का मांस ले जाने के लिए किसी वाहन का इस्तेमाल किया जाता है तो यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाएगा।
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गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 ने पहले गाय को मारने और गोमांस को कहीं ले जाने का दोषी पाए जाने पर 07 साल कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा का प्रवाधान था।
गौरतलब है कि 12 मार्च को मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा था कि गाय को सुरक्षित रखने के लिए सरकार सख्त कानून लेकर आएगी। 2011 में नरेंद्र मोदी की सरकार ने राज्य में गौहत्या को को पूरी तरह से रोक लगा दी थी। उन्होंने गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम 1954 कानून में संशोधन किया था।
