मणिपुर में पहली बार बनी भाजपा सरकार, बीरेन सिंह ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
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11 मार्च को चुनावी नतीजे आने के बाद, कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अगली सरकार बनाने के लिए समर्थन का दावा किया था। कांग्रेस 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, वहीं बीजेपी ने 21 सीटें जीती थी, लेकिन बीजेपी ने दावा किया था कि उसके पास कुछ क्षेत्रिया पार्टियों और आजाद उम्मीदवारों का समर्थन है जिसके बाद राज्यपाल नजमा हैप्टुल्ला ने राज्य में बीजेपी को सरकार बनाने का न्यौता दिया था।
बीरेन सिंह को सोमवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था और उन्होंने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। बीरेन सिंह को सरकार बनाने का निमंत्रण ऐसे दिन दिया गया, जब एनडीए में शामिल नगा पीपुल्स फ्रंट के चार सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार गठन के लिए बीजेपी को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
एन बीरेन सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के रुप में 15 मार्च 2017 को इम्फाल में राज भवन में शपथ ग्रहण की, इसके साथ ही मणिपुर में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई है। भाजपा और उसकी गठबंधन सहयोगियों के भी कुछ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के साथ मंत्री पद की शपथ ली। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक वाई जयकुमार को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा के टी. विश्वजीत सिंह, एनपीपी के एल. जयंतकुमार सिंह, एल. हाओकिप और एन. कयिसी, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के एल. दिखो और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के करम श्याम ने मंत्री पद की शपथ ली।
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11 मार्च को चुनावी नतीजे आने के बाद, कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अगली सरकार बनाने के लिए समर्थन का दावा किया था। कांग्रेस 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, वहीं बीजेपी ने 21 सीटें जीती थी, लेकिन बीजेपी ने दावा किया था कि उसके पास कुछ क्षेत्रिया पार्टियों और आजाद उम्मीदवारों का समर्थन है जिसके बाद राज्यपाल नजमा हैप्टुल्ला ने राज्य में बीजेपी को सरकार बनाने का न्यौता दिया था।
बीरेन सिंह को सोमवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था और उन्होंने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। बीरेन सिंह को सरकार बनाने का निमंत्रण ऐसे दिन दिया गया, जब एनडीए में शामिल नगा पीपुल्स फ्रंट के चार सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार गठन के लिए बीजेपी को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
