भारतीय मूल की अमेरिकी वनिता गुप्ता बनी 'द लीडरशिप कांफ्रेंस' की पहली महिला अध्यक्ष
इससे पहले वो ओबामा प्रशासन के जस्टिस डिपार्टमेंट में ह्यूमन राइट्स डिविजन की भी प्रेसिडेंट रह चुकी हैं।
41 वर्षीय वनिता वेड हेंडरसन की जगह लेंगी। हेंडरसन 2 दशक से भी अधिक समय तक इस संगठन के प्रेसिडेंट रहे हैं।
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वनिता इसके सहायक संगठन ‘द लीडरशिप कांफ्रेंस एजुकेशन फंड’ का भी नेतृत्व करेंगी। वे एक जून से यह पद संभालेंगी।
कौन हैं वनिता?
भारतीय मूल की अमेरिकी वनिता गुप्ता को ‘द लीडरशिप कांफ्रेंस ऑन सिविल एंड ह्यूमन राइट्स’ का नया प्रेसिडेंट और सीईओ चुना गया है। वह इस संगठन का प्रेसिडेंट बनने वाली पहली महिला हैं।
41 वर्षीय वनिता वेड हेंडरसन की जगह लेंगी। हेंडरसन 2 दशक से भी अधिक समय तक इस संगठन के प्रेसिडेंट रहे हैं।
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वनिता इसके सहायक संगठन ‘द लीडरशिप कांफ्रेंस एजुकेशन फंड’ का भी नेतृत्व करेंगी। वे एक जून से यह पद संभालेंगी।
कौन हैं वनिता?
- वनिता का जन्म फिलाडेल्फिया में हुआ था। हालांकि, उनका ज्यादातर वक्त इंग्लैंड और फ्रांस में बीता।
- उन्होंने येल और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल से ग्रैजुएट किया है।
- वनिता अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन (एसीएलयू) के सेंटर फॉर जस्टिस में डिप्टी लीगल डायरेक्टर इसके बाद डायरेक्टर की पोस्ट भी संभाल चुकी हैं।
- उन्होंने बतौर स्टाफ अटॉर्नी एसीएलयू 2006 में ज्वाइन की थी। उस वक्त उन्होंने दुनियाभर से आने वाले इमिग्रेंट चिल्ड्रन को टेक्सास की प्राइवेट जेल में रखने का विरोध किया था।
