मजदूरी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 को लोकसभा की मंजूरी, अब कर्मचारियों को चेक या खाते में ट्रांसफर करनी होगी सैलरी
लोकसभा में 07 फरवरी 2017 को मजदूरी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 पास हो गया।। विधेयक के पास होने के बाद मालिक अब मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान चेक द्वारा या उनके खाते में सीधे डाल सकते हैं। श्रम और रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय द्वारा पेश विधेयक पिछले साल 28 दिसंबर को जारी अध्यादेश का स्थान लेगा।
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मजदूरी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 के फायदे (लाभ):
लोकसभा में 07 फरवरी 2017 को मजदूरी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 पास हो गया।। विधेयक के पास होने के बाद मालिक अब मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान चेक द्वारा या उनके खाते में सीधे डाल सकते हैं। श्रम और रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय द्वारा पेश विधेयक पिछले साल 28 दिसंबर को जारी अध्यादेश का स्थान लेगा।
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- पहले कंपनियों फैक्ट्रियों को कैशलेस सैलेरी देने के लिए कर्मचारियों से लिखित में लेना पड़ता था, पर अब कैशलेस सैलेरी देने के लिए लिखित लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
- नगद सैलेरी भुगतान बगैर कर्मचारी से लिखित में लिया बिना किया जा सकेगा।
- केंद्र और राज्य सरकारें अब ये तय कर सकेंगी कि किस प्रकार की इंडस्ट्री को अपने कर्मचारियों को केवल कैशलेस ही वेतन भुगतान करना होगा।
- वेतन के भुगतान में पारदर्शिता आएगी और न्यूनतम वेतन का भुगतान के नियम का पालन किया जा सकेगा।
- केंद्र सरकार रेलवे, माइंस, आयलफील्ड, एयर ट्रांसपोर्ट में इस नियम को लागू कर सकेगी।
- कैबिनेट ने बिल से जुड़े अध्याधेश को मंजूरी दी थी।
