भारतीय ओलंपिक संघ ने सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाने का फैसला रद्द किया
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाने का अपना फैसला रद्द कर दिया है।
आईओए ने पिछले साल 27 दिसंबर को अपनी सालाना बैठक में सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला को मानद अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। न सिर्फ आईओए के सदस्यों ने इसका विरोध किया बल्कि खेल मंत्रालय ने भी सख्त रुख अपनाते हुए दोनों नियुक्तियां रद्द न होने तक आईओए की मान्यता रद्द करने का फैसला किया था। केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने इन नियुक्तियों को अनैतिक फैसला बताया था। खेल मंत्रालय ने पहले इस मामले में आईओए से सफाई मांगी थी, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक न होने पर मान्यता रद्द करने का फैसला किया गया था।
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2010 के कॉमनवेल्थ खेलों में घोटाले के आरोप में सुरेश कलमाड़ी नौ महीने तक जेल में रह चुके हैं और अभी जमानत पर बाहर हैं। अभय चौटाला आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में मामले का सामना कर रहे हैं। हालांकि, आईओए में नियुक्ति के बाद सुरेश कलमाड़ी ने आरोपों से बरी हो जाने तक पद लेने से इंकार कर दिया था जबकि अभय चौटाला ने आईओए द्वारा मना न करने तक अपने पद पर बने रहने का फैसला किया था।
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आईओए ने पिछले साल 27 दिसंबर को अपनी सालाना बैठक में सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला को मानद अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। न सिर्फ आईओए के सदस्यों ने इसका विरोध किया बल्कि खेल मंत्रालय ने भी सख्त रुख अपनाते हुए दोनों नियुक्तियां रद्द न होने तक आईओए की मान्यता रद्द करने का फैसला किया था। केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने इन नियुक्तियों को अनैतिक फैसला बताया था। खेल मंत्रालय ने पहले इस मामले में आईओए से सफाई मांगी थी, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक न होने पर मान्यता रद्द करने का फैसला किया गया था।
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